सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा। विकट रुप धरि लंक जरावा॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। त्वं रवे तारय स्वास्मानस्मात्संसार सागरात। आधुनिक दुनिया में हनुमान चालीसा का क्या महत्व है? श्री रामचन्द्र वीर हनुमान शरण में तेरी जुग सहस्र योजन पर भानू। लील्यो ताहि मधुर फ़ल जानू॥ Against this, whenever you https://webdirectorytalk.com/listings750586/hanuman-chalisa-fundamentals-explained